प्रेरक कहानी राजा विक्रम की | raja Vikram ki story

 प्रेरक कहानी राजा विक्रम की | raja Vikram ki story


यह कहानी तब की है जब भारत में राजाओं का राज हुआ करता था। कई अनगिनत राज्य थे जो आपस में युद्ध करके अपने अपने राज्य को विस्तृत करना चाहते थे। ऐसा ही एक छोटा सा राज्य था इसका राजा विक्रम बहुत ही नेक दिल और संतोषी स्वभाव वाला राजा था उसका सोचना था कि उसे जितना भी राज्य मिला है उसी को वह अच्छे से संभाले और उसकी प्रजा में हर एक व्यक्ति को वह हर एक सुविधा मिलनी चाहिए जिससे हर कोई सुखी हो सके।



राजा विक्रम की कहानी
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लेकिन बाकी के राजाओं की सोच विक्रम जैसी थोड़ी थी। उसके अड़ोस पड़ोस के सभी राजा उसका राज्य हड़पने का अवसर खोजते रहते थे। एक बार सारे अड़ोस पड़ोस के राजाओं ने मिलकर विक्रम के राज्य को हड़पने का एक व्यूह रचा। राजाओं ने  विक्रम के छोटे राज्य और उसकी छोटी सैन्य बल को देखते हुए एक साथ मिलकर उसके राज्य को चारों तरफ से घेर लिया। कम सैन्य बल होने की वजह से विक्रम की सेना धीरे-धीरे हार मानने लगी।


 विक्रम के भी जान के लाले पड़ गए। विक्रम ने अपनी जान बचाने के लिए जंगल में एक गुफा में शरण ले ली। दुश्मन के सैनिक उसका पीछा करते हुए उस गुफा तक आ पहुंचे और बड़े-बड़े पत्थरों से उस गुफा का द्वार बंद कर दिया ताकि विक्रम उस गुफा में ही भूखा प्यासा मर जाए और वहां से चले गए। विक्रम गुफा में छुपे हुए यह सब देख रहा था वह काफी थका हुआ था और कई घंटे बाद उसको काफी भूख प्यास भी लगी वह धीरे-धीरे अपनी हिम्मत हारने लगा और सोचने लगा कि वह शायद इसी गुफा में भूखा प्यासा ही मर जाएगा।


अपना आखिरी समय आ गया यह सोच कर जब विक्रम अपनी बीती हुई जिंदगी के बारे में सोच रहा था अपनी पुरानी यादें ताजा कर रहा था तब उसे अपने मां की कही हुई एक बात याद आई। विक्रम की मां ने उसे एक बार किसी खेल में हार मानते हुए देख कर उसे कहा था "कुछ तो तुझे करना होगा, बिना कुछ किए नहीं तुझे मरना होगा" जिसका मतलब है कि बिना कोई प्रयास किए तुम कभी हार मत मानना। कुछ पुरानी बातों ने जैसे विक्रम के शरीर में एक नई जान फूंक दी और वह अपना पूरा बचा हुआ बल उन पत्थरों को हटाने में लगाने लगा। वो एक बार असफल हुआ, वह दोबारा असफल हुआ, वह बार-बार असफल हुआ मगर उसने अपने आखरी सांस तक कोशिश की और आखिरकार बाहर निकलने के लिए छोटा सा रास्ता उसमें बना लिया।


उस गुफा से बाहर निकलकर विक्रम अपने मित्र राजाओं तक पहुंच गया उनसे सहायता ली एक बहुत बड़ा सैन्य बल तैयार किया और अपने सारे दुश्मन राजाओं को हराकर अपने राज्य पर वापस जीत हासिल कर ली।


कहानी की सीख


दोस्तों हम अपने जीवन में कई बार बिना की कुछ किए ही हार मान लेते हैं। या फिर बहुत कम प्रयास पर ही हमें लगता है कि हमसे यह नहीं हो पाएगा लेकिन ऐसा नहीं होता, हम किसी भी काम में इसलिए सफल नहीं हो पाते क्योंकि उस काम के लिए हमें जितने प्रयास करने चाहिए हम उतने कभी करते ही नहीं है। इसलिए हमें कभी भी जल्दी हार नहीं माननी चाहिए और लगातार प्रयास करते रहना चाहिए।

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