कहानी : धोखेबाज पत्नी का बर्थडे गिफ्ट
संदीप की शादी एक सुंदर सी लड़की से पांच साल पहले हुई थी। लेकिन उस हमेशा लगता था कि वह उसे धोखा दे रही है, क्योंकि उसकी पत्नी के कुछ व्यवहार बहुत ही संदिग्ध थे।
वह टेक्स्टिंग (chatting) करते समय लगातार हंसती और मुस्कुराती रहती थी। जब भी संदीप उससे पूछाता कि वह किसे मैसेज कर रही है? वह कभी कहेती उसकी माँ थी या कभी कहती कुछ दोस्त। वह अक्सर देर रात काम से पर घर आती थी।
जब भी संदीप ने उससे पूछा कि क्या चल रहा है, वह हर बार हंसती थी। वह सिर्फ इतना कहती थी यह काम के कोई दबाव के कारण है या कुछ और कारण बता देती।
एक रात वह रात के 11 बजे दही और दूध लेने के लिए निकली, संदीप ये जानने के लिए जागता रहा कि वह कब वापस आती है।
वह 2 बजे वापस आई, अब बस इससे ज्यादा संदीप नहीं बर्दाश्त कर सकता था।
उसने कुछ सबूत हासिल करने के लिए एक निजी डिटेक्टिव को काम पर रखा है। संदीप अच्छी तरह से जानता था कि बिना किसी सबूत के तलाक के लिए फाइल आगे बढ़ना मूर्खतापूर्ण होगा।
जासूस ने अपना काम बखूबी से किया और कुछ ही दिनों में उसने संदीप को सबूत दिए कि उसकी पत्नी अपने एक दोस्त के साथ उसे धोखा दे रही है।
संदीप उसे तलाक देने के लिए तैयार था लेकिन उसने सही समय आने का और उस पर हुए अन्याय का बदला लेने का इंतजार किया।
उसकी पत्नी का जन्मदिन कुछ ही हफ्तों में था।
संदीप ने उससे पूछा कि वह अपने जन्मदिन पर क्या चाहती है? उसने संदीप से कहा कि वह अपने जन्मदिन पर काम करने में व्यस्त होगी। उसने संदीप से अपने दोस्तों के साथ छुट्टी पर जाने के लिए कहा क्योंकि वह उस सप्ताह के दौरान बहुत व्यस्त होगी।
संदीप को पता था कि वह वास्तव में क्या कर रही थी। जैसे ही सप्ताह आया संदीप एक दोस्त के घर गया और उसने अपनी पत्नी से कहा कि वो अपने दोस्तों के साथ टूर पर गया है।
संदीप ने वहां से उसकी पत्नी की मां, बहन, पिता और कुछ दोस्तों को बुलाया।
उसने उनसे कहा कि वो उसके जन्मदिन पर उसे एक बड़ा सरप्राइज देना चाहता है। संदीप ने उनसे कहा कि हम उसे सरप्राइज देने के लिए उसके कमरे में घुसेंगे।
सुबह का समय था, घड़ी का समय 7:15 था। संदीप अपने अपार्टमेंट के ठीक बाहर सभी से मिला।
वो सब लिफ्ट में गए, वो अब कुल मिलाकर सात से आठ लोग थे। उसकी पत्नी की माँ के हाथ में जन्मदिन का केक था, उसके पिता के पास शैंपेन की बोतल थी, उसकी बहन के पास फूलों का गुलदस्ता था, उसके सभी दोस्तों के पास उसके लिए कुछ उपहार थे।
किसी को अंदाजा नहीं था कि क्या होने वाला है।
संदीप ने सभी को जितना हो सके शांत रहने के लिए कहा। संदीप ने दूसरी चाबी से अपार्टमेंट का दरवाजा खोला जो उसके पास थी।
वो सभी संदीप की पत्नी को सरप्राइज देने के लिए बेडरूम में घुसे और वहां वह दूसरे आदमी के साथ चैन से सो रही थी!
उसके पिता ने सदमे में शैंपेन की बोतल फर्श पर गिरा दी। उसकी माँ ने केक के साथ भी ऐसा ही किया। संदीप ने ऐसा दिखावा किया जैसे वो इस घटना से काफी टूट गया हो और जैसे उसे कुछ भी पता नहीं था।
और उसके दिमाग में बस यही चल रहा था," इससे अच्छा जन्मदिन का तोहफा कोई और हो ही नहीं सकता जो किसी पति ने अपनी बेवफा पत्नी को दिया हो!"
